ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव निबंध हिंदी में

ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव निबंध हिंदी में

हेलो फ्रेंड, इस पोस्ट “ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव निबंध हिंदी में” में, हम ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव के बारे में निबंध के रूप में विस्तार से पढ़ेंगे। तो…

चलिए शुरू करते हैं…

ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव निबंध हिंदी में

जैसा कि हम लोग जानते हैं कि यह डिजिटल समय है जहां सूचनाएं, संवेदनाएं, सपने, आकांक्षाएं, जिंदगी और यहां तक की स्टूडेंट के लिए कक्षाएं भी डिजिटल तरीके से हो रही है.

इस कठिन कोरोना काल ने भारत को असल में डिजिटल इंडिया बनने पर मजबूर कर दिया है और यह हमारे लिए फायदेमंद भी है.

जिंदगी का हर हिस्सा तेजी से डिजिटल हुआ है. प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लेकर नए प्रतिमानरचे हैं.

आने वाले समय में यह ऑनलाइन माध्यम का चलन कितना प्रभावी होगा यह तो नहीं कहा जा सकता है किंतु संकटकाल में संवाद शिक्षा और सहकार्य के तमाम अवसर इस ऑनलाइन माध्यम से प्रकट हुए हैं.

शिक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसको हम किसी भी माध्यम के द्वारा ग्रहण कर सकते हैं.

आधुनिक समय में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली एक वरदान की तरह है क्योंकि जिसने भी किसी कारणवश शिक्षा ग्रहण नहीं की वह अब ऑनलाइन माध्यम से बहुत आसानी से शिक्षा ग्रहण कर इतिहास रच सकते हैं.

ऑफलाइन शिक्षा की तुलना में ऑनलाइन शिक्षा के जरिए हमारे समय में काफी बचत होता है और हम कम समय में अधिक शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं.

इसके साथ ही छात्र शिक्षा को अपने घर में आराम से ले सकते हैं यही नहीं ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा ट्यूशन, बड़े-बड़े कोचिंग सेंटर का खर्च भी बच जाता है.

ऑनलाइन माध्यम ने शिक्षा को दिलचस्प और मजेदार बना दिया है.

छात्र अपनी सुविधा के मुताबिक कहीं भी आरामदायक तरीके से ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा को ग्रहण कर सकते हैं.

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किंतु इसका कुछ नुकसान भी है जिस प्रकार सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक वैसे ही छात्रों के लिए यह पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता है कि कक्षा में पढ़ाई गई टॉपिक को ऑनलाइन लर्निंग के जरिए कैसे सीख सकते हैं या फिर सकते हैं कि अभी सभी स्टूडेंट्स ऑनलाइन शिक्षा को ठीक से ग्रहण करने में असमर्थ है.

क्योंकि सभी स्टूडेंट्स के पास ऑनलाइन शिक्षा को ग्रहण करने के लिए उपकरण जैसे कि लैपटॉप मोबाइल या इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है जिससे उन्हें ऑनलाइन कक्षा को ज्वाइन करने में कॉफी मुश्किल होती है. और ऑनलाइन शिक्षा में टीचर को स्टूडेंट का डाउट क्लियर करने में काफी दिक्कत होती है.

फिर भी यह कहना गलत नहीं होगा कि आभासी दुनिया आजकल बहुत क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया को मात दे रही है.

आजकल के समय में हमारा समाज जिस तरह डिजिटल हुआ है क्या वह पहले संभव दिखता था.

हमारा बैंकिंग, हमारे बाजार, हमारा खान-पान, तमाम तरह के बिल भरने की प्रक्रिया, टिकट निकालना, ट्रैवल के लिए ऑनलाइन सीट बुक करना, ऑनलाइन भोजन ऑर्डर करना, ऑनलाइन कोई भी सामान मंगवाना क्या यह सब पहले संभव था लेकिन समय ने सब संभव कर दिया है.

आज हर शहर की एटीएम जरूरत बन गई है तथा और भी ऐसी कई उपकरण है जोकि ऑनलाइन मैनेज किए जाते हैं.

ऐसे में यह कहना गलत नहीं है कि ऑनलाइन माध्यम ने संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं.

शायद कई शिक्षकों को इस माध्यम के साथ सहजता ना महसूस हो रही हो, संभव है कि आपकी वर्चुअल कक्षा में उपस्थित छात्र छात्रा उसके साथ ज्यादा सहेज हो. किंतु आवश्यकता और मजबूरियां हमें नए विकल्पों पर विचार के लिए बाध्य करती हैं.

कोरोना के बाद जिंदगी और शिक्षा के माध्यम क्या वैसे ही रहेंगे यह सोचना भूल होगी.

दुनिया ने हमेशा नवाचारों को स्वीकारा है इस नवाचार के तमाम हिस्से हमारी जिंदगी में शामिल हो जाएंगे इसमें दो राय नहीं है.

इस पोस्ट “ऑफलाइन माध्यम पर ऑनलाइन माध्यम का प्रभाव निबंध हिंदी में” को पढ़ने के लिए धन्यवाद.

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